मंगलवार, 1 जनवरी 2013

देखो आया वर्ष नया





 
 
नई  राहें  हैं खुली-खुली 
नई मंजिले हैं धुली -धुली 
सिंदूरी सूरज मुस्कुरा  रहा 
देखो आया वर्ष नया 


नई हवा बह रही है 
नई  रोशनी छा  रही है 
सागर की लहरें बोल रहीं है लहरा -लहरा 
देखो  आया वर्ष  नया 


नई  चाँदनी  छिटक रही है 
नई रागनी गूँज रही है 
गा रहा है गीत नया दिशा-दिशा 
देखो आया वर्ष नया 




नई -नई बातें 
नये -नये सपनें 
समय का सारथी तुम्हे पुकार  रहा 
देखो आया वर्ष नया 




                                                             -राजकांत  क्रांति -