गुरुवार, 20 जून 2013

एक ख्वाब हंसी है आँखों में


एक ख्वाब हंसी है आँखों में
 
एक मीठी खुश्बू सांसों में
 
धड़कन -धड़कन राग है
 
सुंदर सुरीला साज़ है
 
जी रहा हूँ बस इसके सहारे
 
कुछ और नहीं मेरे जीवन में



कुछ रंग चुराऊं फूलों से
 
कोई धुन सुनूँ  मैं भवरों से
 
कभी मोती मांगूँ सागर से
 
कुछ बूंदें चाहूँ बदल से
 
और इनसे से बुनूँ मैं गीत नए-नए
 
 

 
टीम-टीम  टीम-टीम टिमटिमाते तारे
 
जग-मग  जग-मग जगमगाते सारे
गुन -गुन   गुन -गुन   गुनगुनाते

इन्हें  सुनूँ और इनको सुनाऊं

रात  भर मैं गीत प्यारे-प्यारे 



                                                                       ---राजकांत 'क्रांति'