बुधवार, 30 सितंबर 2020

दिल्ली का दंगा

मत पूछो कितने हिन्दू मरे
मत पूछो कितने मुस्लिम मरे
जो भी मरे , जहां भी मरे
इंसानियत मरी, इंसान मरे

भाई ने भाई का घर लूटा
भाई ने भाई के घर आग लगाया
भाई ने भाई का गला  काटा
भाई ने भाई का ख़ून पीया

पछाड़ खा गिर रही वो पत्नी किसकी
दहाड़ मार रो रही वो बहन है किसकी
छाती अपना पीट रही ये मां है किसकी
बिलख बिलख आ रहीं ये आवाज़ें किसकी

फ़िर राजनीति ने नाचा नाच नंगा
फ़िर हो गयी गुमराह भोली जनता
फ़िर नफ़रत का ऐसा बीज बोया
फ़िर करवा के ही छोड़ा दंगा

मोदी-शाह, सोनिया- राहुल और केजरीवाल
सत्ता और विपक्ष दोनों ही हैं जिम्मेदार
और कितने दंगे कब तक होंगे
कर रही जनता अब सीधा सवाल


                                 -----   राजकांत

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